तो हम कैसे प्यार करे !!!

आँख के आंसू बह न सके जब, तो हम कैसे प्यार करें। ग़म के तूफां सह न सके जब, तो हम कैसे प्यार करें।। इश्क़ नहीं है इतना आसां, की जब चाहा इश्क़ किया। दिल की अपने कह न सके जब, तो हम कैसे प्यार करे।। उनकी पाक़ रूहानी शीरत, सहज सरल सौंदर्य की मूरत। […]

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दिल से….

तुम्हारे दिल की धड़कन को , अगर हम सुन नहीं पाये। समझ लेना, हमारी शक़्ल में , फिर हम नहीं आये।। ******************* तुम्हारे दर्द – ए – उल्फ़त से , नज़र जो नम न हो पायीं। वो आँखे गैर की होंगी , ये आँसू कम नहीं आये।। ******************* मेरा अल्लाह तेरी रूह , मेरा सजदा […]

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नारी सशक्तिकरण के असली मायने ..

#‎दीपिकापादुकोण‬ द्वारा अपनी आवाज देते हुए नारी स्वातंत्र्य को प्रेरित करने हेतु बनाये गए वीडियो को कई बार देखने और सुनने के बाद अभिव्यक्ति की व्यग्रता ने बिना कुछ कहे आगे बढ़ने नहीं दिया, अतः आप सब से एक प्रश्न करने का मन कर रहा है की क्या ‪#‎mybody‬‪#‎mymind‬ , ‪#‎mychoice‬ का नारा सामाजिक जीवन […]

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नारी सशक्तिकरण के असली मायने ..

‪#‎दीपिकापादुकोण‬ द्वारा अपनी आवाज देते हुए नारी स्वातंत्र्य को प्रेरित करने हेतु बनाये गए वीडियो को कई बार देखने और सुनने के बाद अभिव्यक्ति की व्यग्रता ने बिना कुछ कहे आगे बढ़ने नहीं दिया, अतः आप सब से एक प्रश्न करने का मन कर रहा है की क्या ‪#‎mybody‬‪#‎mymind‬ , ‪#‎mychoice‬ का नारा सामाजिक जीवन में औचित्यपूर्ण है ? जहाँ […]

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दिल से….

तुम्हारे दिल की धड़कन को ,अगर हम सुन नहीं पाये।समझ लेना, हमारी शक़्ल में ,फिर हम नहीं आये।।*******************तुम्हारे दर्द – ए – उल्फ़त से ,नज़र जो नम न हो पायीं।वो आँखे गैर की होंगी ,ये आँसू कम  नहीं आये।।*******************मेरा अल्लाह तेरी रूह ,मेरा सजदा तेरी चाहत।मेरी हर नज़्म भी है तू ,तेरी यादें मेरी दावत।।*******************मेरी हर जुफ्तज़ू […]

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तो हम कैसे प्यार करे !!!

आँख के आंसू बह न सके जब,तो हम कैसे प्यार करें।ग़म के तूफां सह न सके जब,तो हम कैसे प्यार करें।।इश्क़ नहीं है इतना आसां,की जब चाहा इश्क़ किया।दिल की अपने कह न सके जब,तो हम कैसे प्यार करे।। उनकी पाक़ रूहानी शीरत,सहज सरल सौंदर्य की मूरत।तम को दूर करें जो किरणें,उन किरणों सी उनकी […]

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कहूं कैसे (भाग दो)

मधुर संगीत के पीछे , वो सुन्दर साज होता है ! मुहब्बत में कहाँ कब क्यूँ , कोई भी राज होता है !! कहूं कैसे क्यूँ रूठे हो , नहीं मानोगे क्या अब तुम ! समर्पित हो जहाँ सब कुछ , वहाँ भला कब नाज होता है !! दीवाना क्यूँ वो कहता है , वो […]

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कहूं कैसे……..(भाग एक)

ग़मों की स्याह चादर में,  बदन लिपटा ही रहता है। ख़ुशी की पाक़ चाहत में,  मन चिपटा ही रहता है।। कहूं कैसे ये खुल के मैँ,  कि फ़ितरत क्या है इन्सां की।ज़माने की जकड़ में ये,  सदा सिमटा ही रहता है।। न तेरी है न मेरी है, कहानी सब की बस ये है।कभी अपने, कभी […]

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मन का संशय …

हालिया अनुभवों स्व अनुदित कविता की कुछ पंक्तियाँ ….. संदेह सहित है सब जग में ,संशय भय मेरे रग रग में !मन दुःख से तब भर जाता है ,अपनों के कांटे जब हों डग में !!जब सब ही हों सच्चे मन के ,मन भी सैम सुंदर हो तन के !जब झूठ फ़रेब से बचा रहूँ ,क्यूँ […]

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