अब जब चारों ओर ओसामा और ओबामा के चर्चे चल ही रहे हैं तो आखिर मैं अपने आप को कब तक रोक पाता , अतः मैंने भी सोचा चलो कुछ तो लिख ही सकते हैं इन दो महानुभाओं के बारे में !
               दरअसल जब से ओसामा बिन लादेन की मौत की खबर आयी है तभी से अलग अलग वर्ग के लोग अलग अलग तरीके से इस खबर को प्रयोग करने में लगे हुए हैं ! कई लोगों के लिए तो ऐसी खबरें रोजगार के अछे खासे अवसर लेकर आती हैं ! प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रोनिक मीडिया, एवं इन्टरनेट सभी जगहों पर दिन भर सिर्फ एक ही खबर “ओबामा किल्ड ओसामा” ! हद तो तब हो गयी जब एक ऑनलाइन अखबार ने ओसामा की जगह ओबामा की मौत की खबर छाप दी ! हालाँकि ओसामा की मरने की खबर मुझे पहले ही मिल चुकी थी लेकिन जैसे ही मैंने ओबामा के मरने की गलत खबर पढ़ी , मैं तो दंग रह गया अल कायदा की तीव्र प्रतिक्रिया और प्रतिशोध के बारे में सोचकर ! राहत की बात यह थी की मुझे यह समझते देर नहीं लगी की यह सिर्फ होड़बाजी में गलत लिखे जाने का मामला है ! 
                हाँ तो माफ़ कीजिये मैं अपने विषय से थोडा भटक गया था ! मैं बात कर रहा था रोजगार की , सभी टी. वी. चैनलों पर कई सारे विशेषज्ञ एकाएक पधार बैठे और अमेरिका-भारत-पाकिस्तान जैसे देशों पर इस घटना से पड़ने वाले प्रभावों पर अपनी अपनी दलीलें देने लगे ! बात कभी पाकिस्तान के बेनकाब होने को लेकर होती तो कभी भारत के दावे के मजबूत होने की ! लेकिन असल बात तो इन सभी की जेबों में अच्छी खासी रकम भरने की थी जिस पर किसी ने भी चर्चा नहीं किया ! इस पूरे घटनाक्रम में हमारे एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील राज्य अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के गायब होने की खबर तो स्वयं ही गायब हो गयी ! 
               पहले तो यह संदेह भी किया गया की क्या ओसामा बिन लादेन वास्तव में मारा भी गया है  या नहीं ? फिर , की क्या सच में पाकिस्तान को इस ऑपरेशन में शामिल किया नहीं किया गया था ? क्या पाकिस्तान को सच में नहीं पता था की ओसामा बिन लादेन वहां पिछले लम्बे समय से रह रहा था ? आदि ! मैं भी इस प्रमुख समाचार को तभी से फ़ॉलो कर रहा  हूँ ! कुछ ऐसी बातें मेरे मन में आ रही थी जिनकी तलाश मैं किसी और के विचारों  में कर रहा था की कोई यदि उन मुद्दों पर बोल दे तो मेरे पेट की पीड़ा शांत हो जाये और मुझे इस खबर पर लिखने की हाड़तोड़ मेहनत न करनी पड़े ! लेकिन शायद विधाता को मेरा आराम रास नहीं आ रहा था अतः किसी ने भी इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया ! यहाँ मैं उन बातों को या सही अर्थों में कहें तो मेरे मन की शंकाओं को संक्षेप में बताना चाहूँगा !
                 जब ये सारी बातें हो रही थीं  कि , पाकिस्तान को इस ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी , और उधर अमेरिका ने सारा श्रेय अपने माथे  पर ले लिया तो अचानक मेरे मन में बात आयी की ऐसा भी हो सकता है की पाकिस्तान की भूमिका ओसामा को मारने में रही हो लेकिन पाकिस्तान को आतंकवादियों के हमले से बचाने के लिए रणनीतिक रूप से अमेरिका ने पाकिस्तान की भूमिका को नकारा और पाकिस्तान भी इस से पल्ला झाड़ते हुए दिखाई दिया ! हम सभी जानते हैं की लादेन की मौत का बदला आतंकवादी जरूर लेंगे लेकिन यह बदला अमेरिका की बजाय पाकिस्तान से लेना ज्यादा आसान है क्यूंकि पाकिस्तान में ऐसी घटनाएँ रोजमर्रा की बात हो गयी हैं ! ऐसे में यदि यह बात सामने आ जाती की पाकिस्तान ने लादेन के मारे जाने में अमेरिका का साथ दिया है तो पाकिस्तान पर ऐसे आतंकी हमलों की संभावनाएं ज्यादा बढ सकती हैं ! अंत में मेरा विश्लेषण यह है इन्ही कारणों से पाकिस्तान को इस ऑपरेशन से अलग बताया जा रहा है ! 
                  दूसरी ओर अब अमेरिका द्वारा ऑपरेशन और लादेन की तस्वीरें जारी न किये जाने की भी खबरें आ रही हैं , जिसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि ऐसी तस्वीरों से प्रतिशोध की घटनाओं  को बल मिलेगा ! पुनः यह सारा प्रकरण इस पुरे ऑपरेशन पर ही संदेह का आवरण चढ़ा देता है क्यूंकि जो कारण दिया जा रहा है वह उतना तार्किक नहीं दिखता क्यूंकि बदला लेने की घटनाएँ तो वैसे भी संभावित हैं ही ! दूसरी ओर इतनी बड़ी सफलता के सबूतों  को अमेरिका बाहर आने से क्यों रोक रहा है जब की यही अमेरिका इराक के सद्दाम हुसैन की फाँसी का लाइव विडियो टेप भी जारी कर चुका है !
                 ऐसा लगता है मैं भी कुछ ज्यादा ही विश्लेषक बनने की जुगत में लग गया , शायद कोई टी.वी. वाला बुला ले , लेकिन भैया ! हमारी ऐसी हैशियत कहाँ है ! हम तो ब्लागर हैं जिसे अपने लेख पढ़े जाने की संभावनाओं पर भी कम ही भरोसा रहता है ! आप इसे पढ़ लें , हम तो इसी से धन्य हैं ! धन्यवाद् !!!

2 thoughts to “ओसामा की मौत का आकर्षण …

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow by Email
Facebook
Facebook
YouTube
YouTube
LinkedIn